Sankranti Essay In Hindi

Author: रोहित कुमार 'हैप्पी'

मकर संक्रांति हिंदू धर्म का प्रमुख त्यौहार है। यह पर्व पूरे भारत में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तब इस संक्रांति को मनाया जाता है।


यह त्यौहार अधिकतर जनवरी माह की चौदह तारीख को मनाया जाता है। कभी-कभी यह त्यौहार बारह, तेरह या पंद्रह को भी हो सकता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य कब धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन से सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है और इसी कारण इसको उत्तरायणी भी कहते हैं।


मकर संक्रांति से कई पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं।


कहा जाता है कि इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाया करते हैं। शनिदेव चूंकि मकर राशि के स्वामी हैं, अत: इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है।


मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा उनसे मिली थीं। यह भी कहा जाता है कि गंगा को धरती पर लाने वाले महाराज भगीरथ ने अपने पूर्वजों के लिए इस दिन तर्पण किया था। उनका तर्पण स्वीकार करने के बाद इस दिन गंगा समुद्र में जाकर मिल गई थी। इसलिए मकर संक्रांति पर गंगा सागर में मेला लगता है।


महाभारत काल के महान योद्धा भीष्म पितामह ने भी अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति का ही चयन किया था।


इस त्यौहार को अलग-अलग प्रांतों में अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। मकर संक्रांति को तमिलनाडु में पोंगल के रूप में तो आंध्रप्रदेश, कर्नाटक व केरला में यह पर्व केवल संक्रान्ति के नाम से जाना जाता है।


इस दिन भगवान विष्णु ने असुरों का अंत कर युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी व सभी असुरों के सिरों को मंदार पर्वत में दबा दिया था। इस प्रकार यह दिन बुराइयों और नकारात्मकता को खत्म करने का दिन भी माना जाता है।


यशोदा जी ने जब कृष्ण जन्म के लिए व्रत किया था तब सूर्य देवता उत्तरायण काल में पदार्पण कर रहे थे और उस दिन मकर संक्रांति थी। कहा जाता है तभी से मकर संक्रांति व्रत का प्रचलन हुआ।


- रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

2018 मकर संक्रांति पर निबंध Essay on Makar Sankranti Festival in Hindi

क्या आप मकर संक्रांति के विषय में जानना चाहते हैं?
क्या आप जानते हैं 2018 में मकर संक्रांति कब है?
क्या मकर संक्रांति से जुड़े तथ्यों को आप जानते हैं?
क्या आप जानते हैं मकर संक्रांति क्यों मनाया जाता है?

Featured Fickr Image Source – Rosana Prada

2018 मकर संक्रांति पर निबंध Essay on Makar Sankranti Festival in Hindi

विषय सूचि

पंजाब में माघी, उत्तर प्रदेश में खिचिरी, गुजरात और राजस्थान में उत्तरायण के नाम से मकर संक्रांति त्यौहार बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है। यह अन्य-अन्य शहरों और रज्यों में अलग-अलग प्रकार से मनाया जाता है।

कहीं असमान पतंगों से घिरा होता है तो कहीं तिल की मिठाइयों से मुहँ मीठा हो जाता है।

तरह-तरह के कई परंपरा और संस्कृतियों के कारण भारत के सभी राज्यों में मकर संक्रांति के उत्सव की एक अलग झलक देखने को मिलती है। साथ ही अलग प्रक्रिया और पौराणिक कथाओं के कारण इस त्यौहार को अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग प्रकार से मनाया जाता है।

मकर संक्रांति का त्यौहार किसानो का मुख्य त्यौहार होता है। इस त्यौहार में सभी लोग सूर्य भगवान् की पूजा करते हैं।

मकर संक्रांति कब और क्यों मनाया जाता है? When and Why is Makar Sankranti celebrated?

जब सूर्य मकर राशी में प्रवेश करता है तब मकर संक्राति का त्यौहार मनाया जाता है।  इसी लिए सूर्य भगवान् की पूजा की जाती है।

मकर संक्रांति 2018 Makar Sankranti 2018

शनिवार, 14 जनवरी, 2018

यह खेती किसानों द्वारा बहुत ही हर्ष और उल्लास से मनाया जाता है और साथ ही वसंत ऋतू के आगमन की ख़ुशी में भी मनाया जाता है। सभी राज्यों में लोग पतंग उड़ाते हैं ताकि सूर्य देव प्रसन्न हों।

मकर संक्रांति के त्यौहार को लोहड़ी के त्यौहार के एक दिन बाद मनाया जाता है।

मकर संक्रांति की कुछ मुख्य बातें Important things About Makar Sankranti Festival 2017 –

  • यह त्यौहार बहुत ही बड़े पैमाने में भारत के अलग-अलग राज्यों में मनाया जाता है।
  • लोग इस दिन नए कपडे पहनते हैं और मिठाइयाँ भी बंटते हैं।
  • सभी लोग इस दिन पवित्र स्नान करते हैं।
  • जगह-जगह मेला भी लगता है।
  • विश्व प्रसिद्ध कुम्भ का मेला Kumbh mela भी पवित्र स्थानों में लगता है।
  • लोग तिल की मिठाइयाँ बनाते हैं, बंटते हैं और खाते हैं। यह बहुत ही स्वादिष्ट और सेहत के लिए भी अच्छा होता है।

मकर संक्रांति से जुड़े कुछ मुख्य त्योहारों के नाम Name of Some Festivals Associated with Makar Sankranti

  1. पोंगल Pongal
  2. लोहड़ी Lohri
  3. हड्गा Hadaga
  4. उत्तरायण Uttarayan
  5. बिहू Bihu

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *